1: ऋषि समाज सेवा संस्थान, संस्थान से जुड़ने वालों के लिए आर्थिक सहायता समूह योजना को शुरू करने जा रहा है। आर्थिक सहायता समूह योजना प्रोफेशनल या व्यवसाय की भावना से उठकर 18 वर्ष से लेकर 65 वर्ष उम्र तक के सर्वजन के लिए कार्य करती है।
2: ऋषि समाज सेवा संस्थान का मुख्य कार्य 18 वर्ष से 65 वर्ष उम्र तक के संस्थान के किसी भी वैधानिक सदस्य के दुखद निधन की स्थिति मे, सीधे उसके नॉमिनी के खाते में संस्थान से जुड़े सभी सदस्य न्यूनतम ₹100 की धनराशि भेजते हैं। इस प्रकार संस्थान की स्थापना सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के सिद्धान्त पर की गयी है।
3: पुत्र/पुत्री विवाह योजना- ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़े वैधानिक सदस्य के पुत्र/पुत्री की शादी में सभी सदस्य सीधे माता-पिता के बैंक खाते में न्यूनतम ₹ 10 भेजते हैं जो समूह द्वारा हजारों लाखों में हो जाते हैं । जिससे सदस्य को पुत्र/पुत्री के विवाह में आर्थिक सहयोग मिलता है l
4: हम सदैव पारदर्शी व्यवस्था एवं सेवा भाव के लिए संकल्पित है। इसके साथ ऋषि समाज सेवा संस्थान के साथ जुड़े हुए सभी सदस्य सिर्फ वर्ष मे एक बार 100 रुपए ऋषि समाज सेवा संस्थान के खाते में सदस्यता शुल्क जमा करते हैं। संस्थान इस राशि को अलग-अलग कार्यों में उपयोग करता है, जैसे संस्थान की वेबसाइट, ऑफिस, टेक्निकल ऑपरेटर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, कंप्यूटर ऑपरेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कोर कमेटी के आने-जाने, प्रवासी एवं गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के आश्रित बच्चों को निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करवाना, समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठी, सेमिनार, सम्मेलन, खेलकूद प्रतियोगिता, जागरूकता शिविर, आत्म सुरक्षा शिविर, स्वास्थ्य शिविर लगवाना, मेधावी गरीब विकलांग अनाथ छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा शुल्क व कापी किताब ड्रेस इत्यादि की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था तथा कोई गरीब पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पा रहा है तो उसके इलाज की व्यवस्था करवाना l
5: ऋषि समाज सेवा संस्थान से संपर्क हेतु हेल्पलाइन नंबर 77040 94500 पर फोन करके व्हाट्सएप मैसेज करके या टेलीग्राम ग्रुप से टीम से संपर्क कर सकते हैं या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं l
6: क्रमवार उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में टीम गठन का कार्य प्रगति पर है। अपने जिले की जिला टीम में पद लेकर संस्थान की व्यवस्था संचालन में गति प्रदान करने हेतु हेल्पलाइन नंबर 77040 94500 पर संपर्क कर सकते हैं ।
7: गूगल या क्रोम से संस्थान की वेबसाइट rishiseva.org ओपन करेंगे । संस्थान की पूर्ण नियमावली और कार्य पद्धति खुल जाएगी।
8: संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध संस्थान के खाता संख्या या QR कोड से ₹ 100 वार्षिक सदस्यता शुल्क जमा करें, ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट ले, उसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन के अंत में ट्रांजैक्शन आईडी स्क्रीनशॉट की रसीद अपलोड करना जरूरी है ।
9: ऋषि समाज सेवा संस्थान में रजिस्ट्रेशन कर सदस्यता लेने के बाद अपने संबंधित जिले के व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम ग्रुप पर अवश्य जुड़े जिससे संस्थान की सूचनायें आप तक पहुंच सके ।
10: ऋषि समाज सेवा संस्थान से निम्नलिखित व्यक्ति जुड़ सकते है- भारतीय नागरिक होना आवश्यक है । व्यवसायी, किसी भी प्रकार के किसान मजदूर, ग्रहणी महिला, छात्र-छात्राएं, नर्स, कंपाउंडर, डॉक्टर, वकील, मुंशी, इंजीनियर, मीडिया कर्मी, प्राइवेट जॉब करने वाले किसी भी प्रकार के व्यक्ति, केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, तकनीकी शिक्षा के शिक्षक। शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी या छोटे कर्मचारी, किसी भी सरकारी राज्य या केंद्र के सरकारी अधिकारी या कर्मचारी, रेलवे, जिला पंचायत, नगर पालिका, महापालिका, नगर पंचायत, ब्लॉक तहसील, राजस्व विभाग, बैंक, पुलिस, होमगार्ड, जल निगम, बिजली विभाग, डाकखाना, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी तथा किसी भी तरह के राज कर्मचारी, किसी भी तरह के केंद्रीय कर्मचारी, सरकारी या संविदा या प्राइवेट या व्यापारी, किसी भी प्रकार के मिस्त्री मजदूर व अन्य कोई भी व्यक्ति संस्थान से जुड़ सकता है और योजना का लाभ ले सकता है। एक बार संस्था का सदस्य बन जाने के बाद 65 वर्ष उम्र तक नियमानुसार सदस्य बने रह सकते हैं । 65 वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यता समाप्त हो जाएगी।
11: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़ने हेतु आवश्यक सूचना संबंधी फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन किया जाना आवश्यक है । साथ ही संस्थान का व्हाट्सएप, टेलीग्राम पर आधिकारिक ग्रुप बनाया गया है, जिस पर समय-समय पर सहयोग, नियम व अन्य महत्वपूर्ण सूचनायेँ प्रदान की जाती रहती है। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने संबंधी विचार सुझाव हेतु ग्रुप के सदस्यों को अपने विचार रखने का अवसर दिया जा सकता है । प्रत्येक सदस्य को टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप को प्रतिदिन में एक दो बार देखना अनिवार्य है और ग्रुप की सूचनाओं पर अपडेट रहने की बाध्यता है । यदि कोई सदस्य उनको नहीं देख पा रहा है और वह सूचना प्राप्त नहीं कर पाता है, तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। जो सहयोग करेगा उसे ही सहयोग मिलेगा ।
12: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़ा कोई भी सदस्य किसी अन्य इसी प्रकार की संस्था से जुड़ता या प्रचार प्रसार करता है, तो उस सदस्य की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। भविष्य में जरूरत को देखते हुए नियमों में परिवर्तन का अधिकार ऋषि समाज सेवा संस्थान के पास ही रहेगा । विवादास्पद स्थिति में संस्थान की कोर कमेटी के पास निर्णय लेने का अधिकार सुरक्षित होगा ।
13: ऋषि समाज सेवा संस्थान में जुड़ने वाले सदस्य का लॉकिंग पीरियड 1 वर्ष का रहेगा। मान लीजिए कोई व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को जुड़ा है तो उसका लॉकिंग पीरियड 31 दिसम्बर 2026 रात्रि 12:00 बजे तक रहेगा। लीवर, किडनी आदि की गंभीर वीमारी व कैंसर, एड्स इत्यादि मे लॉकिंग पीरियड 2 वर्ष रहेगा। पुत्र/पुत्री विवाह योजना मे लॉकिंग पीरियड 6 माह रहेगा व सड़क दुर्घटना योजना मे लॉकिंग पीरियड 3 माह रहेगा।
14: संस्थान की यह सुविधा वैधानिक सदस्य को ही मिलेगी। लाभ प्राप्त करने हेतु सदस्यता, सदस्य द्वारा व्यवस्था शुल्क जमा करने की तिथि से 1 वर्ष पूरा होने तक लागू रहेगी। तत्पश्चात पुनः वार्षिक आधार पर शुल्क जमा करना होगा अन्यथा 1 वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यता समाप्त हो जाएगी ।
15: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़े किसी भी वैधानिक सदस्य का दुखद निधन होने पर संस्थान की ओर से सीधे दिवंगत सदस्य के परिवार की नॉमिनी के खाते में सहयोग राशि जमा करवाई जाएगी। इसलिए किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा ।
16: संस्थान के सदस्य का निधन होने के बाद नॉमिनी को दिवंगत सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र, अगर ग्रामीण क्षेत्र का है तो ब्लॉक से और शहरी क्षेत्र का है तो नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर निगम का मृत्यु प्रमाण पत्र तथा अपने वार्ड के पार्षद या सभासद या ग्राम प्रधान के लेटर पैड पर प्रमाणित प्रमाण पत्र और अगर सदस्य हॉस्पिटल में दिवंगत हुआ है तो हॉस्पिटल का भी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
17: संस्था से जुड़े वैधानिक सदस्य पुरुष या महिला या किन्नर के द्वारा अगर अपने जीवन को जान बूझकर समाप्त करने के लिए सुसाइड किया जाता है तो उसको कोई भी सहयोग की अपील संस्था की तरफ से नहीं की जाएगी और ना ही उसकी नॉमिनी को कोई सहयोग संस्था की ओर से प्राप्त होगा ।
18: संस्थान से जुड़े वैधानिक सदस्यों द्वारा एक से अधिक सदस्य की मृत्यु होने पर उनकी मृत्यु की तिथि के क्रम में सहयोग किया जाएगा। किंतु यदि किसी कारण से दो लोगों की मृत्यु एक ही तिथि में होती है या उससे अधिक की होती है तो इस स्थिति में उस सदस्य का सहयोग पहले किया जाएगा जिसका सहयोग प्रतिशत एवरेज अधिक होगा। उसके बाद अन्य सदस्यों का सहयोग किया जाएगा। विशेष प्रकरणों में किसी विशेष परिस्थिति में जैसे स्थलीय निरीक्षण ना हो पाना, कुछ तकनीकी कमी आदि मामलों में कोर टीम सहयोग कर अपने विवेकानुसार निर्णय ले सकती है ।
19: यदि संस्था से जुड़े किसी वैधानिक सदस्य ने अपने पंजीकरण फार्म में अगर दो नॉमिनी को जोड़ा है तो नॉमिनी प्रकरण में प्रथम को 75% और द्वितीय को 25% सहयोग दिए जाने का प्रावधान होगा l सदस्य अपनी इच्छानुसार अपने नॉमिनी मे उक्त प्रावधान से भिन्न सहयोग प्रतिशत भी नामित कर सकता है।
20: संस्थान के दिवंगत सदस्य की नॉमिनी संबंधी विवाद की स्थिति में प्रदेश कोर टीम स्थलीय परीक्षण के उपरांत निर्णय लेने के बाद सहयोग करवाने के लिए स्वतंत्र होगी ।
21: संस्थान से जुड़ने के बाद भी जो सदस्य किसी कारण से सहयोग नहीं कर पाए तो उसको हमेशा के लिए निकालने से अच्छा है एक मौका देना। यदि कोई नया रजिस्ट्रेशन करता है तब भी लॉकिंग पीरियड होता है। इस प्रकार जो अब तक सहयोग नहीं कर पाये हैं और अब सहयोग करना चाह रहे हैं, वे लगातार पांच सहयोग करे और उनके लिए चार माह अर्थात 120 दिन का लॉकिंग पीरियड रहेगा ।
22: संस्था से जुड़े किसी भी सदस्य की व्यस्तता, पारिवारिक समारोह कार्यक्रम, किसी भी स्थिति या परिस्थिति में अगर लगातार तीन सहयोग छूट जाते है और इस दशा में अगर उस सदस्य का निधन हो जाता है तो उसके नॉमिनी का कोई भी दावा मान्य नहीं होगा । इसलिए समय पर सहयोग करना अनिवार्य है।
23: संस्था से जुड़े वैधानिक सदस्य लगातार तीन सहयोग नहीं करते हैं तो ऐसे मे सदस्य की सदस्यता रद्द करने का अधिकार कोर कमेटी के पास सुरक्षित रहेगा ।
24: संस्था से जुड़ा कोई भी सदस्य अगर वर्ष में एक बार सहयोग छोड़ देता है तो वह तीन माह का लॉकिंग पीरियड तथा उसके बीच के छूटे हुए सहयोग पूरे कर कोर कमेटी के निर्णय के आधार पर वैधानिक हो सकता है ।
25: संस्थान के द्वारा बहुत आवश्यक सूचनाओं को तत्काल प्रदान करने हेतु बल्क में टेक्स्ट मैसेज सुविधा के लिए ट्राई से अनुमति का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास सफल होते ही सुविधा प्रारंभ कर दी जाएगी ।
26: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़े सदस्य को ध्यान रहे कि सदस्य के निधन मे लॉकिंग पीरियड 1 वर्ष, गंभीर वीमारी मे लॉकिंग पीरियड 2 वर्ष, पुत्र/पुत्री विवाह मे लॉकिंग पीरियड 6 माह व सड़क दुर्घटना मे लॉकिंग पीरियड 3 माह रहेगा।
27: ऋषि समाज सेवा संस्थान के सदस्यों द्वारा अपना सहयोग सीधा मृतक के नॉमिनी को दिया जाता है । अतः आपके द्वारा दिए गए सहयोग के बदले सहयोग प्राप्त करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होगा । यह पूरी तरह सदस्यों की मर्जी पर निर्भर रहेगा। टीम द्वारा अपील करने पर सहयोग कम ज्यादा आने पर या ना आने की दिशा में टीम जिम्मेदार नहीं होगी क्योंकि टीम सिर्फ सहयोग की अपील करती है। अतः किसी तरह की देनदारी के लिए कानूनी अधिकार मान्य नहीं होगा। संस्थान की कोर कमेटी की अपील पर जो सहयोग करेगा उसको सहयोग मिलेगा में विश्वास रखती है। संस्था इसी पर विश्वास करके काम कर रही है ।
28: ऋषि समाज सेवा संस्थान से अगर कोई भी व्यक्ति महिला / पुरुष / किन्नर अपनी पात्रता को छुपा कर अगर सदस्य बन जाता है, संस्था से जुड़ जाता है और वह सहयोग भी कर देता है तो भी उसकी मृत्यु के उपरांत उसकी नॉमिनी का दावा मान्य नहीं होगा। सदस्यता लेते समय अपनी पात्रता को छुपाना अपराध है । हत्या, बलात्कार के केस मे नामित होना, गंगस्टर एक्ट मे नामित होना, भू-माफिया, जुआँ, सट्टा, ड्रग्स या कोई भी मादक पदार्थ की तस्करी के केस मे नामित होना अथवा देश विरोधी गतिविधियों मे शामिल होने को पात्रता नहीं माना जाएगा। उक्त अपराधों मे न्यायालय द्वारा दोषी पाये जाने पर सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी।
29: ऋषि समाज सेवा संस्थान के द्वारा स्वास्थ्य लाभ हेतु सड़क दुर्घटना में अगर सदस्य का अस्पताल का खर्चा ₹ 50000 तक है तो उसके संसाधनों को देखते हुए और इलाज की गंभीरता तथा उस पर खर्च को देखते हुए न्यूनतम ₹10,000 और अधिकतम ₹25,000 की ही मदद की जाएगी। यह मदद सिर्फ दुर्घटना में ही मिलेगी l कोशिश की जाएगी की राशि को सीधे अस्पताल के खाते में दिया जाए। समय और परिस्थिति के हिसाब से कोर कमेटी निर्णय लेगी l
30: यह राशि तुरंत ना देकर स्थलीय निरीक्षण के बाद ही दी जाएगी। कैशलेस या हॉस्पिटैलिटी के समय ही खर्च दिया जाए यह जरूरी नहीं होगा। समय से सहयोग करने का प्रयास रहेगा लेकिन समस्त औपचारिकताओं की जांच करने के उपरांत ही सहयोग संभव हो पाएगा ।
31: संस्थान के सदस्य को सड़क दुर्घटना लाभ का अधिकार नहीं है बल्कि संस्था की ओर से सप्रेम भेंट है ।
32: संस्था के सदस्य की मृत्यु के उपरांत नॉमिनी के द्वारा दिवंगत सदस्य की प्रमाणित प्रमाण पत्र अगर फर्जी दिए जाते हैं या वेरीफिकेशन करने पर फर्जी पाए जाते हैं, तो संस्थान के द्वारा नॉमिनी को सहयोग के लिए अपील नहीं की जाएगी ना ही किसी प्रकार का सहयोग किया जाएगा। इसलिए पारदर्शिता अति आवश्यक है।
33: संस्थान के सदस्य की नॉमिनी को संस्थान के सदस्यों के द्वारा सहयोग राशि प्राप्त होने के बाद नॉमिनी को अपनी 65 वर्ष की आयु तक दिवंगत सदस्य की ओर से संस्था के सदस्यों का सहयोग करना होगा जिनसे लाभ प्राप्त हुआ है। नॉमिनी को सहयोग राशि प्राप्त करने से पूर्व अपनी 65 वर्ष की आयु तक संस्था के सदस्यों को सहयोग करने का सपथ-पत्र, संस्था मे जमा करना अनिवार्य होगा। विवाद की स्थिति में कोरटीम स्थलीय निरीक्षण के बाद निर्णय लेने और सहयोग करवाने हेतु जिला टीम से भी विचार विमर्श कर अपना निर्णय ले सकती है ।
34: संस्थान से जुड़ा यदि कोई भी सदस्य पूर्व में सभी सहयोग कर रहा था और वैधानिक सदस्य था किंतु वर्तमान सहयोग के दौरान सहयोग शुरू होने की तिथि से सहयोग खत्म होने की तिथि तक सहयोग समाप्त होने से पूर्व सहयोग नहीं कर पाता है और इस दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है तो वह लाभ का पात्र माना जाएगा। क्योंकि यह माना जाएगा कि वह जीवित होता तो पूर्व की भांति सहयोग करता। इसलिए उसको सहयोग का पात्र माना जाएगा।
35: संस्थान में अगर कोई सदस्य रजिस्ट्रेशन करके या रजिस्ट्रेशन के बाद कुछ सहयोग करके 6 माह तक या उससे अधिक के लिए सहयोग छोड़ देता है, तो उसे वैधानिक सदस्य बनने के लिए 5 माह का लॉकिंग पीरियड तथा उसे बीच के समस्त सहयोग पूर्ण करने होंगे। तब ही वह वैधानिक माना जाएगा व सहयोग का पात्र होगा ।
36: सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि कोई सदस्य गलती से अधिक राशि किसी नॉमिनी के खाते में भेज देता है और सदस्य द्वारा उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वह धनराशि उस सदस्य के खाते में वापस करनी पड़ेगी। यह प्रदेश टीम की गारंटी नहीं है, किंतु नियम अनुसार गलती से भेजी गई धनराशि को वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास प्रदेश टीम करेगी ।
37: संस्थान से जुड़ते समय अपनी पूरी जानकारी प्रोफाइल फार्म पर अपलोड करें। अपनी कोई भी बीमारी को छुपाने से लाभ नहीं होगा। आपने अगर कोई भी बीमारी छुपाई और वह बीमारी बाद में पता लग गई उसमें आपका अहित हो सकता है। आपका सहयोग होने से आप वंचित हो सकते हैं। गंभीर बीमारियों में लॉकिंग पीरियड 2 वर्ष का रहेगा जैसे लिवर /किडनी/ कैंसर इत्यादि। इन बीमारियों के होते हुए अगर बीच में कोई दुर्घटना से मृत्यु होती है और उसे व्यक्ति को संस्था से जुड़े एक वर्ष से अधिक हो गया है तो वह सहयोग का पात्र होगा। उसकी नॉमिनी को सहयोग मिलेगा । यह संस्था का संविधान है जिसे सभी को मनाना पड़ेगा । संस्थान से जुड़ते समय गंभीर वीमारियों का विवरण देना अनिवार्य है।
38: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़ने वाले सदस्य को वैबसाइट पर पूरी नियमावली को पड़ने के बाद संस्था से जुड़ना चाहिए। इसमे किसी भी प्रकार का कोई भी संशय नहीं होना चाहिए ।
39: ऋषि समाज सेवा संस्थान के द्वारा जो भी नियमावली बनाई गई है, उसी पर कार्य होगा। भविष्य में जब कभी भी संशोधन की आवश्यकता होगी तो कोर कमेटी और संस्था के प्रदेश के पदाधिकारी संशोधन का प्रस्ताव सदन में रखकर नियमावली में संशोधन कर सकते हैं । मगर अंतिम निर्णय संस्थापक अध्यक्ष का रहेगा ।
40: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़े सदस्य या पदाधिकारी की असमयिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को पारदर्शी तरीके से 50 लाख रुपए तक आर्थिक सहायता नॉमिनी को पहुंच सके व वैधानिक सदस्य के पुत्र/पुत्री विवाह में 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पहुंच सके, इस पर संस्था पूरा प्रयास कर रही है।
41: संस्था से जुड़े सदस्य की नॉमिनी को आर्थिक सहयोग की धनराशि और पुत्र/पुत्री विवाह का शगुन तत्कालीन सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगा। आर्थिक सहयोग सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगा । संस्था के सदस्य अधिकतम तीन नामिनी बना सकते हैं।
42: ऋषि समाज सेवा संस्थान सर्वजन का सर्वजन के लिए सर्वजन के द्वारा बनाई गई संस्था है । हम सदैव पारदर्शी व्यवस्था एवं सेवा भाव के लिए दृढ़ संकल्पित हैं । किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी। समस्त निर्णय इसी नियमावली के द्वारा ही लिए जाएंगे। हम और आप सब इस नियमावली के अंदर रहकर कार्य करेंगे ।
43: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़े सदस्य का दुखद निधन होता है और उसमें पति-पत्नी दोनों एक दूसरे के नॉमिनी होते हैं और दोनों एक साथ अगर मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उस स्थिति में उनके पुत्र या पुत्री नाबालिग हैं या बालिग हैं और अविवाहित हैं और संस्था के सदस्य हैं या नहीं है, ऐसी स्थिति मे माता-पिता के निधन का सहयोग लाभ संस्था से मिलना चाहिए या नहीं, इस स्थिति में कोर कमेटी निरीक्षण करने के उपरांत निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। यदि सदस्य की संतान बालिग है तो सहयोग किया जा सकता है और नाबालिग है तो बालिग होने पर सहयोग किया जाएगा।
44: ऋषि समाज सेवा संस्थान में सदस्य बनने के लिए सदस्य की दो आईडी सेम होनी चाहिए। आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, किसी भी दो आई डी में नाम पता एक जैसा होना चाहिए।
45: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़े सदस्य के पास एंड्रॉयड फोन और फोन में यूपीआई आईडी अवश्य होना चाहिए क्योंकि सदस्य जो भी सहयोग करेगा वह यूपीआई आईडी से ही करेगा। प्रत्येक सदस्य की यूपीआई आईडी अलग होगी जैसे किसी सदस्य के परिवार में चार सदस्य हैं तो चारों की आईडी अलग-अलग होगी जिससे यह पहचान हो सकेगी की सहयोग किसने किया है ।
46: ऋषि समाज सेवा संस्थान की प्रदेश कार्यकारिणी भी गठित होगी और कार्यकारिणी में सभी वर्ग के सदस्य रहेगे और कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 वर्ष का रहेगा। 3 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत कार्यकारिणी में परिवर्तन की अगर आवश्यकता होती है तो परिवर्तन कर कार्यकारिणी को पुनर्गठित किया जाएगा।
47: ऋषि समाज सेवा संस्थान की कोर कमेटी 11 सदस्यों की रहेगी जिसका कार्यकाल 1 वर्ष रहेगा। 1 वर्ष पूर्ण होने पर कोर कमेटी में अगर परिवर्तन की आवश्यकता होती है या नहीं होती है, फिर भी कोर कमेटी 1 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर पुनर्गठन किया जाएगा और संस्था की साइट पर पुनः कोर कमेटी के सदस्यों के नाम को अपलोड किया जाएगा।
48: ऋषि समाज सेवा संस्थान का कार्य सर्व समाज के लिए सर्वजन हित के लिए है। इसलिए प्रदेश के सभी जिलों में जिला अध्यक्ष और उनकी 11 सदस्यीय कार्यकारिणी भी बनाई जाएगी जिसका निर्णय प्रदेश कार्यकारिणी तथा कोर कमेटी की सहमति से तय होगा।
49: ऋषि समाज सेवा संस्थान के दिवंगत सदस्य की नॉमिनी को अपने सेविंग बैंक खाता का विवरण तथा QR कोड सहयोग के लिए वेबसाइट पर लोड करने के लिए देना होगा तथा सहयोग के द्वारा प्राप्त धनराशि का प्रतिदिन का स्टेटमेंट संस्था के ग्रुप में भेजना होगा, जिससे सहयोग की पारदर्शिता बनी रहे।
50: ऋषि समाज सेवा संस्थान से जुड़ने के लिए किसी भी पुरुष या महिला या किन्नर पर किसी भी प्रकार का दबाव, जोर, जबरदस्ती, प्रलोभन, लालच संस्थान द्वारा नहीं दिया जाता है।
51: ऋषि समाज सेवा संस्थान के द्वारा 1 से लेकर 50 बिंदु तक पूर्ण नियमावली पढ़ने के बाद ही सदस्य को जुड़ना चाहिए। इस नियमावली में संस्थापक से लेकर समस्त पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी , कोर कमेटी, जिला कमेटी और सभी सदस्य इसी नियमावली के अंदर और नियमों का पालन करते हुए संस्था के लिए कार्य करेंगे। यह नियमावली सभी पर लागू होती है । किसी भी सदस्य, पदाधिकारी के साथ कोई भी भेदभाव नहीं किया जाएगा। जो नियमावली में है, उसी के अनुसार हम सब कार्य करेंगे। जो इस नियमावली के विरोध में कार्य करेगा उसकी सदस्यता तुरंत समाप्त कर दी जाएगी।
| ऋषि समाज सेवा संस्थान | Call 7704094500 |